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पूजा विधि📜 स्मार्त परंपरा (शंकराचार्य), धर्मशास्त्र2 मिनट पठन

पंचदेव पूजा क्या है और कैसे करें?

संक्षिप्त उत्तर

पंचदेव = शिव+विष्णु+गणेश+सूर्य+देवी। शंकराचार्य (स्मार्त परंपरा) ने सम्प्रदाय एकता के लिए स्थापित। सभी को जल-पुष्प-धूप-दीप-नैवेद्य + मंत्र जप। = सम्पूर्ण हिंदू पूजा एक साथ।

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विस्तृत उत्तर

पंचदेव पूजा आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित स्मार्त परंपरा का मूल अनुष्ठान है।

पंचदेव (पांच देवता)

  1. 1शिव — संहारकर्ता, योगेश्वर
  2. 2विष्णु — पालनकर्ता
  3. 3गणेश — विघ्नहर्ता
  4. 4सूर्य — प्रत्यक्ष देव
  5. 5देवी (दुर्गा/शक्ति) — आदिशक्ति

शंकराचार्य का उद्देश्य

उस समय हिंदू धर्म में शैव, वैष्णव, शाक्त, गाणपत्य, सौर — अनेक सम्प्रदाय आपस में विवाद करते थे। शंकराचार्य ने पंचदेव पूजा स्थापित कर सभी सम्प्रदायों को एकत्र किया — पांचों देवता एक ही ब्रह्म के रूप हैं।

कैसे करें

  1. 1प्रातः स्नान के बाद पूजा स्थान पर बैठें।
  2. 2पांचों देवताओं की मूर्ति/तस्वीर रखें।
  3. 3सभी को जल, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य अर्पित करें।
  4. 4प्रत्येक देवता का मंत्र जपें:
  • *'ॐ नमः शिवाय'*
  • *'ॐ नमो नारायणाय'*
  • *'ॐ गं गणपतये नमः'*
  • *'ॐ सूर्याय नमः'*
  • *'ॐ दुं दुर्गायै नमः'*
  1. 1आरती करें।

महत्व: पंचदेव पूजा = सम्पूर्ण हिंदू धर्म की पूजा एक साथ। कोई सम्प्रदाय भेद नहीं।

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शास्त्रीय स्रोत
स्मार्त परंपरा (शंकराचार्य), धर्मशास्त्र
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