विस्तृत उत्तर
पाताल लोक में सूर्य और चंद्रमा का प्रत्यक्ष प्रकाश नहीं पहुँचता है, जिसके कारण वहाँ दिन और रात का कोई विभाजन नहीं है। सौर समय का प्रभाव न होने के कारण यहाँ के निवासियों को समय के बीतने का तनिक भी भान नहीं होता। देवलोक में देवताओं को अपने पुण्य क्षीण होने का या असुरों के आक्रमण का भय सताता रहता है, परंतु पाताल के निवासी इस प्रकार की किसी भी व्याकुलता से मुक्त होकर निरंतर भौतिक भोगों में लिप्त रहते हैं। दानव पुत्र स्वादिष्ट भोजन और तीव्र मदिरा का पान करते हुए इतने आनंदित रहते हैं कि उन्हें समय के बीतने का पता ही नहीं चलता।
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