विस्तृत उत्तर
पूजा घर में मोबाइल फोन का उपयोग शास्त्रीय ग्रंथों में स्वाभाविक रूप से वर्णित नहीं है (क्योंकि यह आधुनिक उपकरण है), परंतु धार्मिक आचार और शिष्टाचार के सिद्धांतों के आधार पर स्पष्ट मार्गदर्शन दिया जा सकता है।
सामान्यतः अनुचित
- 1पूजा के दौरान — पूजा, ध्यान या जप के समय मोबाइल का उपयोग सर्वथा अनुचित है। यह एकाग्रता भंग करता है और पूजा के भाव को क्षीण करता है।
- 1सोशल मीडिया/मनोरंजन — पूजा स्थल में बैठकर सोशल मीडिया, गेम या मनोरंजन सामग्री देखना अनादरपूर्ण है।
- 1कॉल/मैसेज — पूजा स्थल में फोन पर बात करना या मैसेज करना उचित नहीं।
अनुमत उपयोग
- 1भक्ति सामग्री — मोबाइल पर मंत्र, आरती, स्तोत्र सुनना या पढ़ना स्वीकार्य है। कई भक्त डिजिटल माध्यम से पाठ करते हैं।
- 1जप गणना — यदि मोबाइल ऐप से जप गणना कर रहे हैं तो यह व्यावहारिक रूप से स्वीकार्य है, यद्यपि माला से जप अधिक उत्तम माना जाता है।
- 1धार्मिक पुस्तक पढ़ना — मोबाइल पर गीता, रामायण आदि पढ़ना शुभ है।
सर्वोत्तम अभ्यास
- ▸पूजा के समय मोबाइल साइलेंट करके बाहर रखें।
- ▸यदि मोबाइल से आरती/मंत्र चलाना है तो पहले से लगाकर रखें और बार-बार स्पर्श न करें।
- ▸पूजा स्थल को 'डिजिटल डिटॉक्स' ज़ोन मानें।





