विस्तृत उत्तर
पूजा घर में कागज के नोट (मुद्रा) रखने की प्रथा लोक मान्यता पर आधारित है। शास्त्रीय ग्रंथों में इसका कोई प्रत्यक्ष उल्लेख नहीं है।
लोक मान्यता
- 1कुछ लोग पूजा घर में लक्ष्मी जी की मूर्ति/चित्र के पास नोट रखते हैं ताकि लक्ष्मी कृपा बनी रहे।
- 2दीपावली पर लक्ष्मी पूजा में नोट/सिक्के रखने की परंपरा व्यापक है।
- 3तिजोरी में पूजित नोट/सिक्का रखना शुभ माना जाता है।
शास्त्रीय दृष्टिकोण
- 1कोई शास्त्रीय प्रमाण नहीं — किसी भी पुराण, स्मृति या शास्त्र में पूजा स्थल में मुद्रा रखने से धन वृद्धि का विधान नहीं है।
- 2लक्ष्मी पूजा — शास्त्रों में लक्ष्मी प्राप्ति के लिए स्वच्छता, सदाचार, दान, और 'श्री सूक्त' या 'कनकधारा स्तोत्र' के पाठ का विधान है — मुद्रा रखने का नहीं।
- 3भाव बनाम वस्तु — पूजा में भाव (devotion) का महत्व है, वस्तु (object) का नहीं।
व्यावहारिक सुझाव
- ▸यदि परिवार की परंपरा है तो दीपावली पर पूजा में नोट/सिक्के रखना और बाद में तिजोरी में रखना कोई दोष नहीं है।
- ▸परंतु नित्य पूजा स्थल में नोटों का ढेर रखना अनावश्यक और अव्यवस्थित है।
- ▸धन वृद्धि के लिए श्री यंत्र, कुबेर यंत्र या श्री सूक्त पाठ अधिक शास्त्रसम्मत उपाय हैं।
सत्य यह है: धन वृद्धि कर्म, कौशल और उचित प्रबंधन से होती है। पूजा और भक्ति आशीर्वाद प्रदान करती है, परंतु मुद्रा रखने मात्र से धन नहीं बढ़ता।





