विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र और धर्मशास्त्रों के अनुसार पूजा घर (देवताओं के मंदिर) में मृत व्यक्ति/पूर्वजों की फोटो रखना उचित नहीं माना जाता है।
कारण
- 1ऊर्जा का भेद — देवताओं की ऊर्जा और पितरों की ऊर्जा अलग-अलग प्रकृति की होती है। दोनों को एक स्थान पर रखने से ऊर्जा में टकराव होता है।
- 2देवताओं का स्थान अलग — पूजा घर देवी-देवताओं के लिए निर्धारित पवित्र स्थान है। पितरों की पूजा का विधान अलग है।
- 3नकारात्मक प्रभाव — वास्तु शास्त्र के अनुसार देवताओं और पितरों की तस्वीर एक साथ रखने से घर में अशांति, प्रगति में बाधा और नकारात्मकता बढ़ सकती है।
पितरों की तस्वीर कहाँ रखें
- ▸उत्तर दिशा में एक अलग स्थान पर रखें ताकि पितरों का मुख दक्षिण (पितरों की दिशा) की ओर हो।
- ▸लकड़ी के स्टैंड या टेबल पर रखें, दीवार पर न लटकाएँ।
- ▸बेडरूम, किचन, ब्रह्मस्थान (घर का मध्य) में भी न रखें।
पितृ पूजा
- ▸पितृपक्ष, श्राद्ध या विशेष तिथि पर पितरों की तस्वीर के सामने अलग से पूजा/तर्पण करें।
- ▸पूजा घर से अलग स्थान पर करें।





