विस्तृत उत्तर
हाँ, पूजा घर में पैर फैलाकर बैठना अशुभ और देवताओं का अपमान माना जाता है।
दोष
- 1देवताओं का अनादर — पैर शरीर का सबसे निचला अंग हैं। देवताओं की ओर पैर करना या फैलाकर बैठना उनका अपमान माना जाता है।
- 2पूजा फल में कमी — अनादर भाव से की गई पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता।
- 3नकारात्मक ऊर्जा — पैर फैलाकर बैठने से ऊर्जा का सही प्रवाह बाधित होता है।
सही बैठने की विधि
- ▸पद्मासन (कमल आसन) — सर्वोत्तम, ध्यान और पूजा दोनों के लिए।
- ▸सुखासन (आलथी-पालथी) — सबसे प्रचलित और सुविधाजनक।
- ▸वज्रासन — घुटनों पर बैठना, पूजा और प्रणाम के लिए शुभ।
- ▸पैर कभी मूर्ति/शिवलिंग/ग्रंथ की ओर न करें।
- ▸सोते समय भी पैर पूजा घर की दिशा में न करें।
अपवाद: शारीरिक अक्षमता (वृद्धावस्था, बीमारी, विकलांगता) होने पर कुर्सी पर बैठकर भी पूजा कर सकते हैं — भक्ति भाव सबसे महत्वपूर्ण है।





