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पूजा इतिहास📜 ऋग्वेद (1500 BCE+), सिंधु घाटी सभ्यता, आगम शास्त्र इतिहास2 मिनट पठन

पूजा की परंपरा कितनी पुरानी है?

संक्षिप्त उत्तर

पूजा परंपरा: सिंधु घाटी (3000 BCE+) — अग्नि वेदियाँ और मातृदेवी मूर्तियाँ। ऋग्वेद (1500 BCE+) — यज्ञ पूजा। आगम शास्त्र — मूर्ति पूजा और षोडशोपचार। पुराण काल — वर्तमान पूजा विधि। 5,000+ वर्षों की निरंतर जीवंत परंपरा — विश्व में सबसे प्राचीन।

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विस्तृत उत्तर

हिंदू पूजा परंपरा का इतिहास अत्यंत प्राचीन है:

1सिंधु घाटी सभ्यता (3000-1500 BCE)

मोहेंजोदड़ो और हड़प्पा की खुदाई में अग्नि वेदियाँ, मातृदेवी की मूर्तियाँ, और पूजा के चिह्न मिले हैं — यह पूजा परंपरा की प्राचीनता का प्रमाण है।

2ऋग्वेद (1500 BCE या पूर्व)

ऋग्वेद में यज्ञ और अग्नि पूजा का विस्तृत विवरण। 'अग्नि देवताओं का मुख है' — यज्ञ ही प्रारंभिक पूजा थी।

3आगम शास्त्र और मूर्ति पूजा

आगम शास्त्र (लगभग 500 BCE — 500 CE) में मूर्ति पूजा की विधिवत परंपरा विकसित हुई। षोडशोपचार, मंदिर निर्माण के नियम — इसी काल में।

4पुराण काल (200 BCE — 1200 CE)

विष्णु पुराण, शिव पुराण, देवी भागवत — इनमें वर्तमान पूजा विधि का पूर्ण विवरण।

5निरंतरता

हजारों वर्षों से — पीढ़ी-दर-पीढ़ी — यह परंपरा बिना टूटे चली आ रही है। यह विश्व की सबसे प्राचीन जीवंत पूजा परंपरा है।

शास्त्र का मत

सनातन धर्म' — जो सदा था, है और रहेगा।
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शास्त्रीय स्रोत
ऋग्वेद (1500 BCE+), सिंधु घाटी सभ्यता, आगम शास्त्र इतिहास
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