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पूजा विधि📜 स्कंद पुराण — पूजा खंड, अग्नि पुराण — पूजा विधि, धर्म सिंधु, नित्यकर्म पूजा प्रकाश2 मिनट पठन

पूजा की सही विधि क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

षोडशोपचार के 16 चरण: आसन, पाद्य, अर्घ्य, आचमन, पंचामृत स्नान, शुद्धजल, वस्त्र, जनेऊ, गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य, ताम्बूल, आरती, प्रदक्षिणा-क्षमा। नित्य पूजा के लिए पंचोपचार (गंध-पुष्प-धूप-दीप-नैवेद्य) पर्याप्त है। भाव प्रधान है।

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विस्तृत उत्तर

पूजा की सही विधि का सर्वाधिक प्रमाणिक वर्णन अग्नि पुराण और धर्म सिंधु में मिलता है। षोडशोपचार पूजा सोलह चरणों की पूर्ण पूजा है:

षोडशोपचार (16 उपचार) — पूर्ण पूजा विधि

1आसन (आसन अर्पण)

देवता को बैठने के लिए आसन अर्पित करें।

> 'ॐ [देवता] आसनं समर्पयामि।'

2पाद्य (चरण प्रक्षालन)

देवता के चरण धोने के लिए जल अर्पित करें।

> 'ॐ पादयोः पाद्यं समर्पयामि।'

3अर्घ्य (स्वागत जल)

हाथ धोने का जल।

> 'ॐ हस्तयोः अर्घ्यं समर्पयामि।'

4आचमन (पान जल)

पीने का जल।

> 'ॐ मुखे आचमनीयं समर्पयामि।'

5पंचामृत स्नान

दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से स्नान।

> 'ॐ पंचामृतस्नानं समर्पयामि।'

6शुद्ध जल स्नान

पंचामृत के बाद शुद्ध जल से स्नान।

> 'ॐ शुद्धोदकस्नानं समर्पयामि।'

7वस्त्र

देवता को वस्त्र (लाल, पीत या श्वेत — देवता अनुसार) अर्पित करें।

> 'ॐ वस्त्रं समर्पयामि।'

8यज्ञोपवीत (जनेऊ)

पुरुष देवताओं को जनेऊ अर्पित करें।

9गंध (चंदन)

चंदन या कुमकुम का तिलक।

> 'ॐ चंदनं समर्पयामि।'

10पुष्प (फूल)

देवता को प्रिय पुष्प। देवता अनुसार भिन्न।

> 'ॐ पुष्पं समर्पयामि।'

11धूप

सुगंधित धूप या गूगल जलाएं।

> 'ॐ धूपमाघ्रापयामि।'

12दीप

घी का दीप जलाएं।

> 'ॐ दीपं दर्शयामि।'

13नैवेद्य (भोग)

खीर, मिठाई, फल अर्पित करें।

> 'ॐ नैवेद्यं निवेदयामि।'

14ताम्बूल (पान)

सुपारी सहित पान।

> 'ॐ ताम्बूलं समर्पयामि।'

15आरती

घी के दीप से आरती उतारें।

> 'ॐ महानीराजनं समर्पयामि।'

16प्रदक्षिणा और क्षमा

तीन बार परिक्रमा और अंत में क्षमा प्रार्थना।

नित्य पूजा के लिए पंचोपचार पर्याप्त

यदि समय कम हो तो पंचोपचार करें — गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य। भाव शुद्ध हो तो पाँच उपचार ही पर्याप्त हैं।

अग्नि पुराण का वचन

भावो हि भगवत्पूजायाम् प्रधानं न तु द्रव्यम्' — पूजा में भाव (श्रद्धा) प्रधान है, सामग्री नहीं।
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शास्त्रीय स्रोत
स्कंद पुराण — पूजा खंड, अग्नि पुराण — पूजा विधि, धर्म सिंधु, नित्यकर्म पूजा प्रकाश
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