विस्तृत उत्तर
पूजा की अवधि का वर्णन धर्म सिंधु और विष्णु पुराण में मिलता है:
न्यूनतम पूजा
- ▸केवल 5 मिनट — पंचोपचार और आरती
- ▸धर्म सिंधु: 'अल्पकालोऽपि पूजयन् देवं पुण्यमर्जयति नरः।' — थोड़े समय की पूजा भी पुण्य देती है
मानक नित्य पूजा
- ▸15-30 मिनट
- ▸इसमें: आचमन, षोडशोपचार और आरती सम्मिलित
विस्तृत पूजा
- ▸45-60 मिनट
- ▸मंत्र जप + सप्तशती/विष्णु सहस्रनाम + आरती
विशेष अनुष्ठान
- ▸2-4 घंटे — नवरात्रि, जन्माष्टमी जैसे अवसरों पर
सबसे महत्वपूर्ण
विष्णु पुराण में कहा गया है — पूजा की लंबाई नहीं, गहराई महत्वपूर्ण है। 5 मिनट पूर्ण एकाग्रता से की गई पूजा — 1 घंटे की विचलित पूजा से श्रेष्ठ।
नित्यता
धर्म सिंधु: 'नित्यं देवं पूजयेत् — थोड़े समय की नित्य पूजा विशेष उत्सव की लंबी पूजा से अधिक मूल्यवान है।'





