विस्तृत उत्तर
पुण्यात्माओं का यमपुरी में सम्मानपूर्वक स्वागत होता है। अत्यंत पुण्यात्मा यमलोक के समीप पहुँचती है तो धर्मराज स्वयं अपने आसन से उठकर उसका स्वागत करते हैं और उसे सम्मानपूर्वक अपनी सभा में स्थान देते हैं। सत्यवादी, पितृभक्त और अहिंसा का पालन करने वाली आत्माओं को यमलोक में रथों और विमानों द्वारा लाया जाता है और उनके लिए नाना प्रकार के सुखों तथा भोजन की व्यवस्था होती है। जो सिद्ध योगी, ऋषि, ज्ञानी और संबुद्ध आत्माएँ पूर्व द्वार से प्रवेश करती हैं, उनके प्रवेश पर गंधर्व, देव और अप्सराएँ पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत करती हैं।
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