विस्तृत उत्तर
राजा बलि ने भगवान विष्णु को वैकुंठ लौटने की अनुमति देकर वापस भेजा। माता लक्ष्मी ब्राह्मणी वेश में सुतल लोक आईं, बलि को राखी बांधी और उनसे भगवान विष्णु को मुक्त करने का वर मांगा। यह सुनकर बलि आश्चर्यचकित रह गए। तब माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु ने उन्हें अपने वास्तविक दिव्य स्वरूपों के दर्शन कराए। बलि ने अत्यंत विनम्रता और श्रद्धा के साथ भगवान को वैकुंठ लौटने की अनुमति दे दी और अपने वचन का पालन किया। भगवान विष्णु बलि की इस निष्ठा से प्रसन्न हुए और वचन दिया कि यद्यपि वे वैकुंठ लौट रहे हैं, फिर भी वे सूक्ष्म रूप से सदैव सुतल लोक की रक्षा करेंगे और वर्ष में एक बार अपने भक्त बलि से मिलने अवश्य आएंगे।
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