विस्तृत उत्तर
रक्षा सूत्र (मौली / कलावा) बांधते समय यह मंत्र बोला जाता है —
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।'
रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर एक और मंत्र भी प्रयुक्त होता है —
ॐ यदाबध्नन् दाक्षायणा हिरण्यं शतानीकाय सुमनस्यमानाः।
तन्म आबध्नामि शतशारदाय आयुष्मान् जरदष्टिर्यथासम्।।'
पहले मंत्र का अर्थ है — जिस रक्षासूत्र से दानवेन्द्र महाबलशाली राजा बलि धर्म के बंधन में बांधे गए थे, उसी से मैं तुम्हें बांधता हूँ। हे रक्षासूत्र! तुम स्थिर रहो, स्थिर रहो।
यह मंत्र भगवान वामन और राजा बलि की कथा से संबंधित है। जब वामन भगवान राजा बलि के साथ पाताल लोक में चले गए, तब माता लक्ष्मी ने गरीब स्त्री का रूप धारण करके राजा बलि को रक्षासूत्र बांधा और भगवान विष्णु को वापस लाया। इसी स्मृति में रक्षासूत्र बांधा जाता है।
रक्षासूत्र बांधते समय बांधने वाला दाएं हाथ पर बांधे और कहे 'रक्षे मा चल मा चल' — अर्थात यह रक्षासूत्र अटल रहे और अपनी शक्ति से भटके नहीं।





