विस्तृत उत्तर
सूर्य को आयुर्वेद और वैदिक चिकित्सा-शास्त्र में आरोग्य का देवता (आरोग्य-अधिपति) माना गया है। शास्त्रों में उल्लेख है कि माघ शुक्ल सप्तमी के 'अरुणोदय काल' में किए गए विशेष अर्क-पत्र स्नान और सूर्यनारायण की उपासना से कुष्ठ रोग, चर्म-रोग और सात जन्मों के पापों से पैदा होने वाली भयंकर बीमारियों का जड़ से नाश होता है। इसी अचूक व्याधि-विनाशक और स्वास्थ्य देने वाली शक्ति के कारण इसे 'आरोग्य सप्तमी' कहा जाता है।





