विस्तृत उत्तर
रुद्राभिषेक यजुर्वेद के श्री रुद्रम् के पाठ के साथ शिवलिंग का अभिषेक है — यह शिव की सर्वोच्च उपासना है।
रुद्राभिषेक की सामग्री
- ▸जल, गंगाजल, पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर)
- ▸गन्ने का रस, नारियल जल, फलों का रस
- ▸इत्र (केवड़ा या गुलाब)
- ▸बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, नीले कमल
- ▸चंदन, भस्म (विभूति)
पूर्व तैयारी
- 1स्नान करके श्वेत या पीत वस्त्र धारण करें
- 2शिव मंदिर या घर के पूजा स्थान पर शिवलिंग स्थापित करें
- 3पंडित जी से श्री रुद्रम् का पाठ कराएं (स्वयं भी सीख सकते हैं)
क्रमिक विधि
- 1गणपति पूजन व संकल्प — मन में अभिषेक का उद्देश्य बोलें
- 2कलश स्थापना — तांबे के कलश में गंगाजल भरें, आम के पत्ते लगाएं
- 3प्रथम अभिषेक (जलाभिषेक) — शुद्ध जल से अभिषेक — 'नमकम्' (श्री रुद्रम् अनुवाक 1) पाठ के साथ
- 4पंचामृत अभिषेक — क्रमशः दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से अभिषेक
- 5गन्ने का रस/नारियल जल — अभिषेक करें
- 6पुनः जलाभिषेक — पंचामृत धोने के लिए
- 7श्री रुद्रम् पाठ — 11 बार (एकादश रुद्राभिषेक) या 1 बार
- 8चमकम् पाठ (यजुर्वेद अनुवाक 18)
- 9बेलपत्र, चंदन, भस्म अर्पण
- 10आरती और प्रसाद वितरण
फल: रुद्राभिषेक से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, रोग-दोष दूर होते हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।





