विस्तृत उत्तर
सगर पुत्रों का महातल से संबंध उनके भस्मीकरण और गंगा जल से उद्धार की कथा से है। बृहद्धर्म पुराण और अन्य शास्त्रीय ग्रंथों में वर्णन है कि राजा सगर के साठ हजार पुत्रों का भस्मीकरण महातल लोक में हुआ था और उनका अंतिम उद्धार गंगा जल से हुआ। राजा सगर के यज्ञ का अश्व इंद्र ने चुरा कर पाताल की गहराई में छिपा दिया। अश्व की खोज करते हुए सगर पुत्र पृथ्वी को खोदते-खोदते महातल पहुँचे। वहाँ उन्होंने कपिल मुनि को गहन समाधि में देखा और उनके पास यज्ञ-अश्व बंधा पाया। उन्हें चोर समझकर अपमानित करने पर कपिल मुनि के नेत्रों की अग्नि से वे भस्म हो गए। बाद में भगीरथ गंगा को महातल तक ले गए और सगर पुत्रों का उद्धार हुआ।
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