विस्तृत उत्तर
सगर पुत्रों का उद्धार गंगा जल से हुआ। जब अंशुमान अपने पितरों को खोजते हुए महातल पहुँचे और कपिल मुनि की स्तुति कर क्षमा मांगी, तब कपिल मुनि ने यज्ञ-अश्व लौटा दिया। पर उन्होंने कहा कि सगर के साठ हजार पुत्रों की मुक्ति साधारण कर्मकांडों से नहीं होगी। उनकी मुक्ति तभी संभव है जब स्वर्ग से पवित्र नदी गंगा को महातल या पाताल तक लाया जाए और उनकी भस्म पर उसका दिव्य जल प्रवाहित किया जाए। कई पीढ़ियों की तपस्या के बाद राजा भगीरथ भगवान शिव की कृपा से गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी और फिर महातल तक ले जाने में सफल हुए। गंगा जल के स्पर्श से सगर पुत्रों का उद्धार हुआ।
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