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विस्तृत उत्तर
मार्कण्डेय पुराण में मदालसा और अलर्क के संवाद के माध्यम से चार आश्रमों, यानी ब्रह्मचर्य, गृहस्थ, वानप्रस्थ और सन्यास, का विस्तृत वर्णन किया गया है। मदालसा बताती हैं कि सन्यास आश्रम में मनुष्य सब कुछ छोड़कर केवल मोक्ष प्राप्ति के लिए परमात्मा में ध्यान लगाता है। इन आश्रमों का सही पालन करने वाला परलोक में परम गति को प्राप्त होता है। दस्तावेज़ के अनुसार तपोलोक की प्राप्ति ऐसे ही सन्यासियों और योगियों को होती है।
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