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विस्तृत उत्तर
शिव पुराण के वर्णन के अनुसार तपोलोक जनलोक से आठ लाख योजन की दूरी पर स्थित है और तपोलोक से सत्यलोक की दूरी अड़तालीस करोड़ योजन बताई गई है। शिव पुराण यह भी स्पष्ट करता है कि तपोलोक में वैराज नामक देवता निवास करते हैं, जिनका कोई स्थूल शरीर नहीं होता और वे अमूर्त होते हैं। सत्यलोक में वे ब्रह्मचारी निवास करते हैं जो सच्चे धर्म और ज्ञान से युक्त हैं।
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