विस्तृत उत्तर
शिव पूजा की सही विधि शिव पुराण की विद्येश्वर संहिता में विस्तार से वर्णित है। पूजा से पूर्व स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
पूजा विधि (क्रमशः)
- 1आचमन व संकल्प — पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें, तीन बार जल लेकर आचमन करें और संकल्प बोलें।
- 1गणपति पूजन — सर्वप्रथम श्री गणेश का स्मरण करें — 'वक्रतुण्ड महाकाय...'।
- 1शिवलिंग का शुद्धीकरण — शिवलिंग पर पहले जल से अभिषेक करें।
- 1षोडशोपचार पूजन:
- ▸आवाहन (शिव जी को आमंत्रण)
- ▸आसन (जल अर्पित करना)
- ▸पाद्य (चरण धोने हेतु जल)
- ▸अर्घ्य (हाथ धोने हेतु जल)
- ▸आचमनीय (मुख शुद्धि हेतु जल)
- ▸स्नान (पंचामृत — दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से अभिषेक)
- ▸वस्त्र (श्वेत या पीत वस्त्र अर्पण)
- ▸यज्ञोपवीत (जनेऊ अर्पण)
- ▸गंध (चंदन लेपन)
- ▸पुष्प (बेलपत्र, धतूरा, आक, कनेर)
- ▸धूप (अगरबत्ती)
- ▸दीप (घृत दीप)
- ▸नैवेद्य (भोग — मीठा, फल)
- ▸आचमन
- ▸ताम्बूल (पान)
- ▸प्रदक्षिणा व नमस्कार
- 1मंत्र जप — 'ॐ नमः शिवाय' का जप करें, न्यूनतम 108 बार।
- 1शिव आरती — अंत में आरती करें।
विशेष नियम: पूजा में तुलसी, केतकी का फूल और हल्दी वर्जित है। सोमवार को विशेष पूजा का महत्व है।





