विस्तृत उत्तर
सुतल लोक में भगवान विष्णु द्वारपाल इसलिए बने क्योंकि महाराजा बलि के सर्वस्व त्याग, दृढ़ सत्यनिष्ठा और अनन्य भक्ति से भगवान वामन अत्यंत वशीभूत हो गए। उन्होंने बलि को केवल सुतल लोक का ऐश्वर्यशाली राज्य ही नहीं दिया, बल्कि स्वयं उनके रक्षक और नित्य द्वारपाल बनने का अभूतपूर्व वरदान भी दिया। सुतल लोक की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि यहाँ के अधिपति की रक्षा कोई साधारण सेनापति नहीं, बल्कि साक्षात् परमेश्वर अपने चतुर्भुज रूप में करते हैं। भगवान नारायण हाथ में गदा धारण किए हुए सुतल लोक के मुख्य द्वार पर खड़े रहते हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं क्योंकि उनका हृदय अपने भक्तों के प्रति अगाध करुणा और कृपा से द्रवित रहता है।
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