विस्तृत उत्तर
सुतल लोक में रहते हुए बलि महाराजा निरंतर भगवान वामन की पूजा करते हैं और भगवान की लीलाओं का स्मरण करते हैं। भगवान वामन ने उन्हें सुतल लोक में निवास करने का आदेश दिया, जहाँ वे अपनी प्रजा और संबंधियों के साथ स्वर्ग से भी अधिक श्रेष्ठ ऐश्वर्य का उपभोग कर रहे हैं, और साथ ही भगवान की अविरल भक्ति में लीन हैं। सुतल लोक का अधिपति बलि एक सिद्ध और शुद्ध भगवद-भक्त है, जिसे शास्त्रों में महाजन, अर्थात परम वैष्णव, की उपाधि दी गई है। भगवान की प्रत्यक्ष उपस्थिति के कारण सुतल लोक वैकुंठ के समान पवित्र और वंदनीय बन गया है।
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