विस्तृत उत्तर
स्वर्लोक में भोजन और वस्त्र की प्राप्ति पृथ्वी से सर्वथा भिन्न प्रकार से होती है। कल्पवृक्ष और पारिजात जैसे दिव्य वृक्ष स्वर्ग में विद्यमान हैं जो निवासियों की प्रत्येक इच्छा की पूर्ति तत्काल करते हैं। कुमुद पर्वत पर शतवल्श नामक एक विशाल बरगद का वृक्ष है जिससे दूध, दही, शहद और घी की नदियां उत्पन्न होती हैं जो स्वर्लोक के निवासियों को वस्त्र और आभूषण भी प्रदान करती हैं। स्वर्ग की चार दिव्य झीलों में शुद्ध जल, दूध, शहद और गन्ने का रस भरा हुआ है जो निवासियों का भोजन है। इन झीलों के सेवन से अष्ट-सिद्धियों और योग की प्राकृतिक शक्तियों का स्वतः संचार होता है। उन्हें भूख और प्यास की अनुभूति ही नहीं होती क्योंकि उनका दिव्य भोग-शरीर इन सांसारिक आवश्यकताओं से मुक्त होता है।
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