📖
विस्तृत उत्तर
तपोलोक का वातावरण पूर्ण शांति, नीरवता और एकाग्रता से परिपूर्ण है। वहाँ दिन-रात का काल-चक्र नहीं है और ऋतुओं का परिवर्तन भी नहीं होता। दस्तावेज़ में कहा गया है कि वहाँ निवास करने वाले जीव केवल ध्यान और समाधि का आहार करते हैं। उनके लिए ईश्वर का सामीप्य ही उनका एकमात्र जीवन-स्रोत है। इसका अर्थ यह है कि उनका जीवन भौतिक भोजन या लौकिक आवश्यकताओं पर आधारित नहीं, बल्कि ईश्वर-चिंतन, समाधि और दिव्य चेतना पर आधारित है।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





