विस्तृत उत्तर
भगवान विष्णु को 'जगत के पालनहार' कहते हैं। वे भक्त-वत्सल हैं — भक्त के प्रेम से शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
सबसे सरल और प्रभावी विधि:
पहला — गुरुवार की पूजा — गुरुवार विष्णु जी का प्रमुख दिन है। इस दिन केले के पेड़ पर जल चढ़ाएँ, पीले वस्त्र पहनें और 'ॐ नमो नारायणाय' का जप करें।
दूसरा — तुलसी-पूजन — तुलसी विष्णु को अत्यंत प्रिय है। शास्त्रों में कहा गया है कि तुलसी-पत्र चढ़ाने से बड़े से बड़ा पाप नष्ट हो जाता है। प्रतिदिन तुलसी को जल दें और नमस्कार करें।
तीसरा — एकादशी व्रत — हर पखवाड़े की एकादशी को विष्णु जी के निमित्त व्रत करें। यह उनकी सबसे प्रिय तिथि है।
चौथा — विष्णु सहस्रनाम — प्रतिदिन या शुक्रवार को विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें। इसमें विष्णु जी के एक हजार नाम हैं और इसके पाठ से सम्पूर्ण जीवन में कल्याण होता है।
पाँचवाँ — 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' — यह बारह अक्षरों का द्वादशाक्षरी मंत्र है जिसे उठते-बैठते कहीं भी जपा जा सकता है।
सारांश — तुलसी + एकादशी + गुरुवार पूजन + सत्यनिष्ठ जीवन = विष्णु-कृपा।





