विस्तृत उत्तर
यमपुरी के रत्नजड़ित द्वार वहाँ प्रवेश करने वाली आत्माओं के पुण्य, धर्म और आध्यात्मिक स्तर को दर्शाते हैं। पश्चिम द्वार रत्नों से जड़ित और अत्यंत कांतिमान है, जहाँ दानवीरों का प्रवेश होता है। उत्तर द्वार विभिन्न स्वर्ण जड़ित रत्नों से सजा होता है और सत्यवादियों, पितृभक्तों तथा अहिंसा का पालन करने वालों के लिए सबसे उत्तम माना गया है। पूर्व दिशा का द्वार हीरे, मोती, नीलम और पुखराज जैसे बहुमूल्य रत्नों से सुसज्जित है और इसे स्वर्ग का द्वार कहा जाता है, जहाँ सिद्ध योगी, ऋषि, ज्ञानी और संबुद्ध आत्माएँ प्रवेश करती हैं।
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