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श्रीलिङ्गमहापुराण प्रश्नोत्तरी — 578 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित श्रीलिङ्गमहापुराण विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 578 प्रश्न

शंकर महिमा

वैराग्य से शिव दर्शन कैसे मिलता है?

स्वल्प विषयों का त्याग करके प्राणी सांसारिक भय से मुक्त होता है, फिर वैराग्य पाकर अंत में शिव दर्शन प्राप्त करता है।

वैराग्यशिव दर्शनविषय त्याग
शंकर महिमा

शिव सबका कल्याण कैसे करते हैं?

शिव दयार्द्र होकर प्राणियों का कल्याण करते हैं; उनकी आत्मा बिना प्रयत्न कल्याण करने वाली कही गई है।

शिवकल्याणशंकर
शंकर महिमा

शिव स्थाणु क्यों कहलाए?

रुद्रात्मक सृष्टि से निवृत्त होकर निष्कल आत्मा वाले शंकर अधिष्ठित हुए, इसलिए उनका स्थाणुत्व बताया गया।

शिवस्थाणुरुद्र
सृष्टि

स्थावर-जंगम जगत क्या है?

स्थावर-जंगम जगत वही सम्पूर्ण जगत है जिसे ब्रह्मा ने जरा-मरण से युक्त बनाया।

स्थावर जंगमजगतब्रह्मा
सृष्टि

मृत्यु वाली सृष्टि किसने बनाई?

शंकर की आज्ञा पाकर चतुरानन ब्रह्मा ने जरा-मरण से युक्त स्थावर-जंगम जगत की रचना की।

मृत्यु वाली सृष्टिब्रह्माजरा
सृष्टि

शिव ने मरणधर्मा सृष्टि पर क्या उत्तर दिया?

शिव ने कहा कि मरणधर्मा सृष्टि करना उनकी स्थिति नहीं है; ब्रह्मा अपने इच्छानुसार मृत्युयुक्त प्रजा बनाएं।

शिवशंकरमरणधर्मा सृष्टि
सृष्टि

ब्रह्मा ने शिव से कैसी प्रजा बनाने को कहा?

ब्रह्मा ने शिव से मरणधर्मा प्रजा बनाने को कहा, क्योंकि अमर प्रजा की सृष्टि उचित नहीं बताई।

ब्रह्माशिवमरणधर्मा प्रजा
रुद्र उत्पत्ति

ब्रह्मा ने रुद्रों की स्तुति कैसे की?

ब्रह्मा ने नीललोहित रुद्रों को त्रिनेत्रधारी, सर्वज्ञ, सर्वव्यापी, नित्य, निर्मल, विश्वात्मा और शिवजी के आत्मज कहकर प्रणाम किया।

ब्रह्मारुद्र स्तुतिनीललोहित
रुद्र उत्पत्ति

रुद्रों ने कितने भुवनों को व्याप्त किया?

नीललोहित महादेव से उत्पन्न रुद्रों ने सभी चौदह भुवनों को पूर्ण रूप से व्याप्त कर लिया।

रुद्रचौदह भुवननीललोहित
रुद्र उत्पत्ति

नीललोहित महादेव ने क्या उत्पन्न किया?

नीललोहित महादेव ने ब्रह्मा की प्रार्थना पर अपने तुल्य अनेक रुद्र उत्पन्न किये।

नीललोहितमहादेवरुद्र
सती और शिव

सती ने पार्वती रूप में किसे पति माना?

सती ने पार्वती रूप में पुनः शिवजी को पति रूप में प्राप्त किया।

सतीपार्वतीशिव
सती और शिव

सती ने दक्ष यज्ञ में क्या किया?

सती ने दक्ष के यज्ञ का विध्वंस करके अपना देहत्याग किया।

सतीदक्ष यज्ञविध्वंस
पितृ वंश

धरणी कौन थी?

धरणी मेरुराजपत्नी स्वधा से उत्पन्न यज्ञानुष्ठान में प्रवृत्त रहने वाली मानसी पुत्री थीं।

धरणीस्वधामेरुराजपत्नी
पितृ वंश

हैमवती गंगा कौन हैं?

हैमवती गंगा मेना से उत्पन्न बताई गई हैं और शिवजी के मस्तक पर विराजमान रहने से जगत् को पवित्र करने वाली कही गई हैं।

हैमवती गंगामेनागंगा
पितृ वंश

उमा किसकी पुत्री थीं?

उमा मेना से उत्पन्न बताई गई हैं; आगे सती के पार्वती रूप में शिव को पति रूप में प्राप्त करने का वर्णन आता है।

उमामेनामैनाक
पितृ वंश

मैनाक और क्रौञ्च कौन थे?

मैनाक और क्रौञ्च मेना से उत्पन्न बताए गए हैं।

मैनाकक्रौञ्चमेना
पितृ वंश

मेना की संतान कौन थी?

मेना से मैनाक, क्रौञ्च, उमा और हैमवती गंगा उत्पन्न बताए गए हैं।

मेनामैनाकक्रौञ्च
पितृ वंश

मेना कौन थी?

मेना स्वधा से अग्निष्वात्त पितरों की उत्पन्न मानसी कन्या थीं।

मेनास्वधाअग्निष्वात्त
पितृ वंश

पितर कितने प्रकार के होते हैं?

पितर दो प्रकार के बताए गए हैं: अयज्वा और यज्वा।

पितरअग्निष्वात्तबर्हिषद
अग्नि वंश

अग्नियों को रुद्रस्वरूप क्यों कहा गया है?

अग्नियों को तपस्वी, व्रतधारी, प्रजाओं के पति और रुद्रस्वरूप कहा गया है।

अग्नियाँरुद्रस्वरूपतपस्वी
अग्नि वंश

अग्नियों की पूजा कहाँ होती है?

उनचास अग्नियाँ यज्ञों में आराधित कही गई हैं।

अग्नियाँयज्ञआराधना
अग्नि वंश

49 अग्नियाँ क्या हैं?

पुत्रों और पौत्रों को मिलाकर, आदिम सप्तक को छोड़कर कुल उनचास अग्नियाँ कही गई हैं।

49 अग्नियाँअग्नियज्ञ
अग्नि वंश

स्वाहा के पुत्र कौन-कौन हैं?

स्वाहा के पुत्र पवमान, पावक और शुचि बताए गए हैं।

स्वाहाअग्निपवमान
अग्नि वंश

शुचि कैसे उत्पन्न हुए?

शुचि का आविर्भाव सूर्य-प्रभा से बताया गया है।

शुचिसूर्य प्रभाअग्नि

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

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