ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

मोक्ष प्रश्नोत्तरी — 216 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित मोक्ष विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 216 प्रश्न

दोष निवारण

पित्रों की शांति और तृप्ति के लिए मंत्र

पितरों की शांति के लिए दक्षिण दिशा की ओर मुख करके जल और काले तिल से तर्पण करते हुए 'ॐ सर्व पितृ देवाय नमः' का जप और गीता के सातवें अध्याय का पाठ करना चाहिए।

पितृ दोषतर्पणशांति
मंत्र साधना

शिव पंचाक्षर मंत्र की महिमा

'नमः शिवाय' पंचाक्षर मंत्र पंचतत्वों का प्रतीक है। यह वेदों का सार है जो सभी पापों को नष्ट कर असीम शांति और मोक्ष प्रदान करता है। इसे किसी भी अवस्था में जपा जा सकता है।

शिवपंचाक्षरनमः शिवाय
तंत्र साधना

त्रिपुर सुंदरी मंत्र साधना विधि

त्रिपुर सुंदरी साधना श्री यंत्र के माध्यम से लाल वस्त्र और कुमकुम से की जाती है। यह श्री विद्या की गुप्त साधना है जो साधक को भोग और मोक्ष दोनों प्रदान करती है।

त्रिपुर सुंदरीश्री विद्यासौंदर्य
दोष निवारण

पितृ दोष दूर करने का मंत्र

अमावस्या या शनिवार को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके 'ॐ सर्व पितृ देवाय नमः' का जप करने और पुण्य अर्पित करने से पितृ दोष पूर्णतः शांत हो जाता है।

पितृ दोषमोक्षतर्पण
ज्योतिष उपाय

केतु महादशा में क्या समस्या आती है और उपाय?

7 वर्ष। अचानक हानि/रोग/वैराग्य/दिशाहीनता। 'ॐ कें केतवे' 108, गणेश पूजा(केतु नियंत्रक), गणपति अथर्वशीर्ष, कुत्ते को रोटी, सप्तरंगी/सप्तधान्य दान, लहसुनिया(ज्योतिषी)। आध्यात्मिक साधना=सर्वोत्तम। केतु=मोक्ष द्वार।

केतुमहादशा7 वर्ष
ज्योतिर्लिंग

काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग का महत्व शिव पुराण में क्या बताया गया है?

शिव पुराण के अनुसार काशी शिव की नगरी है जो प्रलय में भी नष्ट नहीं होती। यहाँ मृत्यु पर शिव स्वयं तारक मंत्र देते हैं, इसलिए काशी मोक्षदायिनी है। विश्वनाथ के दर्शन मात्र से समस्त तीर्थों का फल मिलता है।

काशी विश्वनाथमोक्षतारक मंत्र
मोक्ष मार्ग

काशी में मरने से मोक्ष मिलता है क्या — सच?

शास्त्र (काशी खंड): हाँ — शिव तारक मंत्र सुनाते हैं। मणिकर्णिका = मोक्ष। पर कबीर: 'बिना ज्ञान मोक्ष नहीं।' गीता: कर्म+ज्ञान+भक्ति = मोक्ष, स्थान नहीं। काशी सहायक, एकमात्र कारण नहीं।

काशीमोक्षवाराणसी
शिव दर्शन

शिव की उपासना से मोक्ष कैसे प्राप्त होता है?

श्वेताश्वतर उपनिषद्: 'तमेव विदित्वा अतिमृत्युमेति' — शिव को जानकर मृत्यु से पार। मार्ग: ज्ञान ('शिवोऽहम्'), भक्ति ('ॐ नमः शिवाय'), योग (कुंडलिनी→सहस्रार), कर्म (निष्काम+शिवार्पण)। काशी मृत्यु = शिव तारक मंत्र = मोक्ष।

मोक्षउपासनाशिव
अंतिम संस्कार

मृत व्यक्ति को तुलसी के पत्ते क्यों रखते हैं?

तुलसी = विष्णु प्रिया (मोक्ष सहायक)। यमदूत/प्रेत तुलसी के पास नहीं आते। गरुड़ पुराण: 4 पवित्र वस्तुओं में तुलसी। मुख में तुलसी+गंगाजल। शरीर पास तुलसी पौधा। वैज्ञानिक: एंटीबैक्टीरियल।

तुलसीमृत्युविष्णु प्रिय
मोक्ष

शिव मोक्ष कैसे देते हैं?

शिव को मोक्ष, मोक्षरूप और मोक्ष प्रदान करने वाला कहा गया है; साथ ही वे आत्मास्वरूप, स्वामी और व्यापक शिव हैं।

मोक्षमोक्षदातामोक्षरूप
श्रीमद्भागवत

भीष्म स्तुति हिंदी अर्थ क्या है?

भीष्म स्तुति का भाव है कि मृत्यु के समय बुद्धि, मन और प्रेम श्रीकृष्ण में स्थिर हों, क्योंकि वही परमात्मा और अंतिम आश्रय हैं।

भीष्म स्तुति अर्थकृष्णपार्थसारथी
श्रीमद्भागवत

भीष्म पितामह की मृत्यु कैसे हुई?

भीष्म पितामह ने उत्तरायण में वाणी रोककर मन कृष्ण में लगाया, कृष्ण की स्तुति की और उनके प्राण कृष्ण में लीन हो गए।

भीष्म मृत्युउत्तरायणकृष्ण ध्यान
वामदेव फल

रुद्रलोक को वापस न आने वाला स्थान क्यों बताया गया है?

रुद्रलोक ऐसा स्थान बताया गया है जहाँ से जीव का पुनः संसार में आगमन नहीं होता।

रुद्रलोकपुनरागमन नहींवामदेव
श्रद्धा और शिवदर्शन

शिव का साक्षात दर्शन किससे मिलता है?

शिव का साक्षात दर्शन श्रद्धा से मिलता है; शिव ने कहा कि श्रद्धा से भक्त उन्हें वश में कर दर्शन पा सकता है।

शिव साक्षात दर्शनश्रद्धाभक्ति
श्रद्धा और शिवदर्शन

श्रद्धा से ज्ञान, हवन, तप, स्वर्ग और मोक्ष का फल कैसे मिलता है?

शिव ने श्रद्धा को ज्ञान, हवन, तप, स्वर्ग और मोक्ष का फल प्रदान करने वाली बताया है।

श्रद्धाज्ञान फलहवन फल
श्रद्धा और शिवदर्शन

श्रद्धा को परम सूक्ष्म धर्म क्यों कहा गया है?

श्रद्धा ज्ञान, हवन, तप, स्वर्ग और मोक्ष का फल देती है, इसलिए उसे परम सूक्ष्म धर्म कहा गया है।

श्रद्धापरम सूक्ष्म धर्मज्ञान
श्रद्धा और शिवदर्शन

लिंग में श्रद्धापूर्वक शिव पूजा क्यों करनी चाहिए?

शिव ने द्विजों को लिंग में श्रद्धापूर्वक सदा पूजा करने का निर्देश दिया और श्रद्धा को दर्शन-फल देने वाली बताया।

लिंग पूजाश्रद्धाशिव पूजा
मुक्ति और पाशुपत योग

पाशुपत योग में मन स्थिर क्यों रखना चाहिए?

शिव की महिमा अनंत है, इसलिए पाशुपत योग में निष्ठापूर्वक रहकर मन को सदा उसी में स्थिर रखना चाहिए।

पाशुपत योगमन स्थिरशिव महिमा
मुक्ति और पाशुपत योग

परमेश्वर की कृपा से क्या-क्या सुलभ होता है?

परमेश्वर की कृपा से धर्म, ऐश्वर्य, ज्ञान, वैराग्य और मोक्ष सुलभ हो जाते हैं।

परमेश्वर कृपाधर्मऐश्वर्य
श्रीमद्भागवत

भक्ति के बिना ज्ञान अधूरा क्यों है?

नारदजी कहते हैं कि मोक्ष देने वाला निर्मल ज्ञान भी यदि अच्युत भाव से रहित हो तो उसकी शोभा पूर्ण नहीं रहती।

भक्तिज्ञानमोक्ष
श्रीमद्भागवत

मोक्ष चाहने वालों को किसकी पूजा करनी चाहिए?

मोक्ष चाहने वाले शांत और दोष-दृष्टि से रहित होकर सत्त्वगुणी विष्णु भगवान और उनके अंशों का भजन करते हैं।

मोक्षविष्णु पूजानारायण
श्रीमद्भागवत

धर्म का असली उद्देश्य क्या है?

धर्म का असली उद्देश्य मोक्ष, भगवान को प्रसन्न करना और जीवन को तत्त्व-जिज्ञासा की ओर ले जाना है।

धर्ममोक्षभगवान
श्रीमद्भागवत

श्रीमद्भागवत को परम धर्म क्यों कहा गया है?

क्योंकि इसमें मोक्ष तक की फल-कामना से रहित, निष्कपट और सत्पुरुषों के योग्य परम धर्म का निरूपण है।

परम धर्मश्रीमद्भागवतनिष्कपट धर्म
श्रीमद्भागवत

भागवत सप्ताह से कौन से फल मिलते हैं?

विधिपूर्वक सप्ताह करने से पाप निवृत्ति, तत्काल फल और धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष चारों की प्राप्ति कही गई है।

भागवत सप्ताह फलधर्मअर्थ

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।