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प्रसाद प्रश्नोत्तरी — 56 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रसाद विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 56 प्रश्न

मंदिर ज्ञान

मंदिर में प्रसाद में तुलसी का पत्ता क्यों रखते हैं?

विष्णुप्रिया ('बिना तुलसी पूजा अधूरी'), पवित्रता, लक्ष्मी अवतार। वैज्ञानिक: antibacterial (प्रसाद शुद्ध), antioxidant (immunity↑), सुगंध। दाहिने हाथ। सूर्यास्त बाद न तोड़ें।

तुलसीपत्ताप्रसाद
मंदिर ज्ञान

मंदिर में प्रसाद कैसे ग्रहण करें — दाएं हाथ से या दोनों से?

दोनों हाथ (अंजलि — दाहिना ऊपर, बायां नीचे)। शिर झुकाकर। भूमि पर नहीं। पूर्ण खाएं (जूठा नहीं)। बांटें। केवल बायां = वर्जित।

प्रसादग्रहणदाएं
पूजा नियम

पूजा का प्रसाद कुत्ते बिल्ली को दे सकते हैं या नहीं?

हाँ, दे सकते हैं — सभी प्राणी ईश्वर का अंश हैं। गाय को देना सर्वमान्य शुभ है, कुत्ता भैरव का वाहन है। विशेष नैवेद्य पहले मनुष्यों को दें, बचा प्रसाद जानवरों को दे सकते हैं। इस विषय पर मत भिन्नता है।

प्रसादकुत्ताबिल्ली
शिव पूजा

शिव मंदिर से प्रसाद लेकर घर लाने के क्या नियम हैं?

दाहिने हाथ/दोनों हाथ से ग्रहण। स्वच्छ पात्र/कपड़े में ढंककर लाएं। भूमि/अपवित्र स्थान पर न रखें। घर में पूजा स्थान पर रखें। सबमें श्रद्धापूर्वक बांटें। फेंकना वर्जित — अधिक हो तो गाय आदि को दें। भस्म प्रसाद: त्रिपुण्ड्र लगाएं, डिब्बी में रखें। जूठे हाथ से न छुएं।

प्रसादमंदिरनियम
शिव पूजा नियम

शिव पूजा के बाद प्रसाद किसे नहीं देना चाहिए?

पत्थर/मिट्टी शिवलिंग का प्रसाद न खाएं, न बांटें — चंडेश्वर का भाग (शिव पुराण)। नदी में प्रवाहित करें। अपवाद: धातु/पारद शिवलिंग = प्रसाद ग्रहण योग्य। शिव प्रतिमा = ग्रहण योग्य।

प्रसादनिर्माल्यचंडेश्वर
शिव पूजा सामग्री

शिव मंदिर में प्रसाद के रूप में क्या चढ़ाना सबसे उत्तम है?

सर्वोत्तम: मखाने की खीर, ठंडाई, कच्चा दूध, मिश्री, बेर। अन्य: हलवा, मालपुआ, फल, पंचामृत। वर्जित: तुलसी, केवड़ा, लाल फूल, सिंदूर, शंख जल।

प्रसादभोगचढ़ावा
व्रत एवं त्योहार

रामनवमी का प्रसाद क्या बनाते हैं?

रामनवमी पर मुख्यतः पंजीरी (घी, आटा, बूरा, सूखे मेवे), पंचामृत और काले चने का भोग बनाया जाता है। पंजीरी उत्तर भारत का सबसे पारंपरिक प्रसाद है। सभी भोग में तुलसी दल रखना अनिवार्य है।

रामनवमीप्रसादपंजीरी
पूजा विधि

सुंदरकांड के बाद क्या करना चाहिए?

सुंदरकांड के बाद श्रीराम और हनुमान जी की आरती करें, भोग अर्पण करें और उपस्थित सभी को प्रसाद वितरित करें। पुस्तक को लाल कपड़े में लपेट कर पवित्र स्थान पर रखें। अनुष्ठान पूर्ण होने पर हवन का भी विधान है।

सुंदरकांडपाठ के बादआरती

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।