ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

अंतिम संस्कार प्रश्नोत्तरी — 5 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित अंतिम संस्कार विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

अंतिम संस्कार

मरणासन्न व्यक्ति के कान में क्या बोलना चाहिए?

'राम राम', 'ॐ नमो नारायणाय', 'ॐ नमः शिवाय', इष्ट देव नाम। दाहिने कान में, शांत-प्रेमपूर्ण स्वर, बार-बार। गीता (8.5): अंतिम स्मरण = अगला जन्म। शांतिपूर्ण वातावरण दें।

मरणासन्नकान में मंत्रराम नाम
श्रीमद्भागवत

पांडवों ने युद्ध के बाद अंतिम संस्कार कैसे किया?

अश्वत्थामा को दंड देने के बाद पांडवों ने कृष्णा द्रौपदी के साथ मृत भाई-बंधुओं की दाह आदि अंतिम क्रियाएँ कीं।

पांडवअंतिम संस्कारद्रौपदी पुत्र
जीवन एवं मृत्यु

बभ्रुवाहन को प्रेत क्यों बनना पड़ा?

गरुड़ पुराण की बभ्रुवाहन कथा में एक प्रेत का उल्लेख है जो पापकर्म और अधूरे संस्कारों के कारण प्रेत योनि में था। यह कथा यह बताने के लिए है कि परोपकारी व्यक्ति भी दान-श्राद्ध से किसी अनजान प्रेत को मुक्त कर सकता है।

बभ्रुवाहनप्रेत योनिअंतिम संस्कार
अन्त्येष्टि संस्कार

दाह संस्कार में मुखाग्नि कौन देता है नियम क्या है?

मुखाग्नि: ज्येष्ठ पुत्र (सर्वप्रथम) → अन्य पुत्र → पौत्र → भाई → भतीजा → शिष्य/मित्र। स्त्री: परम्परागत=विधान नहीं, आधुनिक=पुत्री/पत्नी (क्षेत्रीय)। विधि: परिक्रमा→कंधे घड़ा→मुख अग्नि→'ॐ'।

मुखाग्निदाह संस्कारज्येष्ठ पुत्र
वैदिक संस्कार

अंत्येष्टि संस्कार कैसे करें?

अंत्येष्टि = अंतिम यज्ञ (नरयाग)। विधि: शव स्नान → नया वस्त्र → तुलसी-गंगाजल → अर्थी → शवयात्रा → चिता स्थापन → छिद्र-घट परिक्रमा → मुखाग्नि → अस्थि संचय → गंगा विसर्जन → 10वीं शुद्धि → 13वीं श्राद्ध। पंचतत्वों में शरीर विलीन।

अंत्येष्टिअंतिम संस्कारदाह संस्कार

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।