ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

अमर — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

🔍
हिंदू दर्शन

हनुमान जी अमर क्यों हैं और आज कहाँ हैं

हनुमान सप्त चिरंजीवियों में से एक — सीता, राम और ब्रह्मा के वरदान से अमर। कलियुग में विद्यमान — जहां राम कथा वहां हनुमान उपस्थित। गंधमादन पर्वत पर राम जप। महाभारत में भीम से भेंट और अर्जुन की ध्वजा पर विराजमान।

हनुमानचिरंजीवीअमर
आत्मा और मोक्ष

भगवद्गीता के अनुसार आत्मा अमर है कैसे समझें

गीता 2.20 — आत्मा अजन्मा, नित्य, शाश्वत। 2.23 — शस्त्र, अग्नि, जल, वायु कुछ नहीं कर सकते। 2.22 — शरीर बदलता है, आत्मा नहीं (वस्त्र उदाहरण)। 2.25 — अव्यक्त, अचिंत्य, अविकारी। सरल अर्थ: शरीर = बर्तन, आत्मा = आकाश — बर्तन टूटे तो आकाश नष्ट नहीं।

आत्माअमरगीता
शास्त्र ज्ञान

उपनिषद में आत्मा का वर्णन कैसे है?

कठोपनिषद (2/18) में यमराज ने नचिकेता को बताया — आत्मा अजन्मा, नित्य और शाश्वत है; शरीर के नाश से यह नष्ट नहीं होती। तैत्तिरीय उपनिषद के पंचकोश सिद्धांत में आत्मा पाँचों कोशों से परे है। माण्डूक्य में 'तुरीय' अवस्था आत्मा का शुद्ध स्वरूप है।

आत्माउपनिषदअमर
वेद ज्ञान

वेदों में आत्मा का वर्णन कैसे है?

ऋग्वेद (1/164/20) के 'दो पक्षी सूक्त' में जीवात्मा और परमात्मा का अनूठा चित्रण है। ऋग्वेद (10/16) में आत्मा की अमरता का वर्णन है। वैदिक आत्मा-दर्शन ही उपनिषदों के महावाक्यों का मूल स्रोत है।

आत्मावेदअमर
सनातन सिद्धांत

आत्मा क्या है?

आत्मा वह शाश्वत चेतन तत्व है जो प्रत्येक जीव में विद्यमान है। गीता (2/20) के अनुसार यह न जन्म लेती है, न मरती है, न शस्त्र से कटती है, न अग्नि से जलती है। यह नित्य, शाश्वत और अविनाशी है।

आत्माजीवात्माचेतना

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।