ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

कृष्ण भक्ति प्रश्नोत्तरी — 5 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित कृष्ण भक्ति विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

श्रीमद्भागवत

कुंती ने कृष्ण से मोह छुड़ाने की प्रार्थना क्यों की?

कुंती ने यदुवंशियों और पांडवों के प्रति मजबूत ममता को काटने और अपनी बुद्धि को गंगा की धारा की तरह कृष्ण में लगाने की प्रार्थना की।

कुंतीमोहकृष्ण भक्ति
भक्त चरित्र

नरसी मेहता की माहात्म्य कथा

नरसी मेहता (जूनागढ़, 1414-1480 ई.) — गुजराती भक्ति साहित्य के आदि कवि। भाभी के व्यंग्य पर सात दिन शिव-उपासना की, श्रीकृष्ण की रासलीला का दर्शन हुआ। हुंडी, श्राद्ध और नानी बाई के मायरे में श्रीकृष्ण ने स्वयं आकर उनकी सहायता की। 'वैष्णव जन तो' उनकी सर्वप्रसिद्ध रचना है।

नरसी मेहताकृष्ण भक्तिगुजराती संत
भक्ति साहित्य

सूरदास के पद कृष्ण भक्ति में कैसे सहायक

सूरदास के पद बाल-लीला के वात्सल्य-भाव, माधुर्य-भक्ति और विरह-भाव से कृष्ण-भक्ति जागृत करते हैं। 'मैया मोरी मैंने माखन नाहीं खायो' जैसे पद सीधे हृदय तक पहुँचते हैं।

सूरदासपदकृष्ण भक्ति
भक्ति साहित्य

मीराबाई के भजन आज भी लोकप्रिय क्यों हैं

मीराबाई के भजन इसलिए लोकप्रिय हैं क्योंकि उनमें सच्चे प्रेम की प्रामाणिकता है, भाषा सरल है, और विरह-समर्पण का भाव सार्वभौमिक है। 500 वर्षों बाद भी 'मेरे तो गिरधर गोपाल' हृदय को छू लेता है।

मीराबाईभजनकृष्ण भक्ति
संत और भक्त

मीराबाई ने कृष्ण भक्ति में क्या सहा

मीरा ने कृष्ण भक्ति में सहा: ससुराल का अपमान, विष का प्याला, सांप, कांटों की शय्या, सामाजिक बहिष्कार, घर त्याग। 'मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई।' शिक्षा: सच्ची भक्ति = सब कष्ट सहन शक्ति। भक्ति में लोक-लाज गौण।

मीराबाईकृष्ण भक्तिविरह

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।