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गणेश मंत्र — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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मंत्र सिद्धि

गणेश मंत्र सिद्धि कैसे करें?

मुख्य मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' (6 अक्षर = 6 लाख पुरश्चरण)। बुधवार, गणेश चतुर्थी। लाल वस्त्र। भोग: मोदक, दूर्वा (21/108)। गणपत्यथर्वशीर्ष के 21 पाठ शक्तिशाली। गणेश-सिद्धि से सभी साधनाओं के विघ्न दूर। ध्यान: एकदंत, मोदकहस्त गणपति।

गणेश मंत्रगणपति सिद्धिविघ्नहर्ता
साधना विधि

गणेश मंत्र कितनी बार जप करना चाहिए?

नित्य साधना के लिए 108 बार (1 माला) पर्याप्त है। बुधवार और चतुर्थी को 1008 बार विशेष फलदायी है। मंत्र सिद्धि के लिए सवा लाख जप का पुरश्चरण करें। पुरश्चरण के बाद दशांश हवन 'ॐ गं गणपतये नमः स्वाहा' से करें।

जप संख्यागणेश मंत्रपुरश्चरण
मंत्र ज्ञान

संकट नाशन गणेश मंत्र क्या है?

संकट नाशन के लिए 'ॐ गं गणपतये नमः' और 'वक्रतुंड महाकाय...' सर्वाधिक प्रभावी हैं। संकटनाशन स्तोत्र के 12 नाम (वक्रतुंड, एकदंत, कृष्णपिंगाक्ष...) तीन बार बोलने से कोई विघ्न नहीं रहता। महासंकट में हेरंब मंत्र 1008 बार जपें।

संकट नाशनगणेश मंत्रविघ्न नाशन
मंत्र ज्ञान

गणेश बीज मंत्र क्या है?

गणेश का मूल बीज मंत्र 'गं' है। सर्वाधिक प्रचलित षडाक्षरी मंत्र है 'ॐ गं गणपतये नमः'। विघ्न नाशन के लिए 'ॐ वक्रतुंड महाकाय...' और बुद्धि के लिए गणेश गायत्री 'ॐ एकदंताय विद्महे...' जपें।

बीज मंत्रगंगणेश मंत्र

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।