विस्तृत उत्तर
गणेश पुराण के क्रीडा खंड में संकट नाशन गणेश स्तोत्र का विस्तृत वर्णन है। संकट के समय ये मंत्र तत्काल प्रभावी होते हैं:
1संकटनाशन मूल मंत्र
> ॐ गं गणपतये नमः
सभी संकटों का तत्काल नाशन करने वाला।
2विघ्नहर्ता श्लोक
> वक्रतुंड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
> निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
3संकटनाशन गणेश स्तोत्र (प्रमुख श्लोक)
गणेश पुराण में वर्णित संकटनाशन स्तोत्र के 12 श्लोक:
> प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्।
> भक्तावासं स्मरेन्नित्यं आयुःकामार्थसिद्धये॥
> प्रथमं वक्रतुंडं च एकदंतं द्वितीयकम्।
> तृतीयं कृष्णपिंगाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्॥
> लंबोदरं पंचमं च षष्ठं विकटमेव च।
> सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्णं तथाष्टमम्॥
> नवमं भालचंद्रं च दशमं तु विनायकम्।
> एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम्॥
> द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः।
> न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो॥
4हेरंब मंत्र (महासंकट नाशन)
> ॐ ह्रीं गं ह्रीं महागणपतये नमः
यह अत्यंत शक्तिशाली तांत्रिक मंत्र है। जब कोई बड़ा संकट हो, इस मंत्र को 1008 बार जपें।
5गणपति अष्टनाम जप
संकट के समय इन 8 नामों का जप त्वरित फल देता है:
> वक्रतुंड, एकदंत, कृष्णपिंगाक्ष, गजवक्त्र, लंबोदर, विकट, विघ्नराज, धूम्रवर्ण
6अत्यंत आपात मंत्र
> ॐ नमो हेरंबाय
(हेरंब = पाँच मुखों वाले गणेश — सबसे शक्तिशाली रूप)
संकट के प्रकारानुसार मंत्र
- ▸व्यापार संकट: 'ॐ गं श्रीं महागणपतये नमः'
- ▸स्वास्थ्य संकट: 'ॐ हं गणपतये नमः'
- ▸विवाह बाधा: 'ॐ गं गणपतये स्वाहा'
- ▸परीक्षा/विद्या: गणेश गायत्री 'ॐ एकदंताय विद्महे...'
- ▸शत्रु भय: हेरंब मंत्र 'ॐ ह्रीं गं ह्रीं महागणपतये नमः'





