विस्तृत उत्तर
हनुमान जी के मंत्र वाल्मीकि रामायण, हनुमान पुराण और तंत्र ग्रंथों में वर्णित हैं:
1हनुमान मूल मंत्र (षडाक्षरी)
> ॐ हं हनुमते नमः
यह हनुमान जी का सबसे प्रसिद्ध और सरल मंत्र है। नित्य जप के लिए सर्वोत्तम।
2हनुमान बीज मंत्र
> हं (Ham/Hang)
यह हनुमान जी का एकाक्षरी बीज है।
3हनुमान गायत्री मंत्र
> ॐ आंजनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि।
> तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्॥
बुद्धि, बल और कार्य सिद्धि के लिए।
4पंचमुखी हनुमान मंत्र
> ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा
पाँच मुखों वाले हनुमान जी का मंत्र — अत्यंत शक्तिशाली और रक्षाकारी।
5वायुपुत्र मंत्र
> ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय विश्वरूपाय अमित विक्रमाय प्रकट पराक्रमाय महाबलाय
> सूर्यकोटि समप्रभाय रामदूताय स्वाहा
यह विस्तृत हनुमान मंत्र संकट और शत्रु नाश के लिए है।
6भूत-प्रेत रक्षा मंत्र
> ॐ नमो भगवते महावीराय महाबलाय भय भंजनाय सर्वदुष्टग्रह विनाशाय हं फट् स्वाहा
7हनुमान स्मरण मंत्र (आपात स्थिति में)
> मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेंद्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
> वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥
8राम-हनुमान संयुक्त मंत्र
> ॐ श्री राम जय राम जय जय राम
हनुमान जी का सर्वाधिक प्रिय मंत्र — वे स्वयं इसका जप करते हैं।
मंत्र चयन गाइड
- ▸नित्य जप: 'ॐ हं हनुमते नमः'
- ▸संकट में: 'ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा'
- ▸बुद्धि/बल: हनुमान गायत्री
- ▸भूत-प्रेत रक्षा: 'ॐ नमो भगवते महावीराय...'
- ▸सामान्य स्मरण: 'ॐ श्री राम जय राम जय जय राम'





