ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
मंत्र ज्ञान📜 कृष्ण यजुर्वेद - श्री रुद्रम्, शिव पुराण2 मिनट पठन

शिव पंचाक्षरी मंत्र क्या है?

संक्षिप्त उत्तर

शिव पंचाक्षरी मंत्र है — 'ॐ नमः शिवाय'। 'नमः शिवाय' के पाँच अक्षर (न, मः, शि, वा, य) पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु, आकाश) के प्रतीक हैं। यजुर्वेद के श्री रुद्रम् में यह मंत्र मिलता है।

📖

विस्तृत उत्तर

शिव पंचाक्षरी मंत्र वैदिक परंपरा का सर्वोच्च शिव मंत्र है।

मंत्र

> ॐ नमः शिवाय

(Om Namah Shivaya)

पंचाक्षरी का अर्थ: 'नमः शिवाय' में पाँच अक्षर हैं — न, मः, शि, वा, य — इसलिए इसे पंचाक्षरी कहते हैं। 'ॐ' सहित यह षडाक्षरी भी कहलाता है।

पाँच अक्षरों का अर्थ (तत्व विज्ञान)

  • = पृथ्वी तत्व (स्थिरता, भूमि)
  • मः = जल तत्व (प्रवाह, शीतलता)
  • शि = अग्नि तत्व (ऊर्जा, तेज)
  • वा = वायु तत्व (प्राण, गति)
  • = आकाश तत्व (चेतना, अनंत)

ये पाँचों अक्षर पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं — शिव ही पंचतत्वों के अधिपति हैं।

स्रोत: यह मंत्र कृष्ण यजुर्वेद के श्री रुद्रम् (अष्टाध्यायी) के अनुवाक 8 में 'नमः शिवाय च शिवतराय च' के रूप में मिलता है। शिव पुराण में इसे 'महामंत्र' कहा गया है।

महत्व: शिव पुराण के अनुसार यह मंत्र सभी मंत्रों का सार है — 'सर्वमंत्रमयं मंत्रं पंचाक्षरमिदं परम्।' इस मंत्र के जप से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
कृष्ण यजुर्वेद - श्री रुद्रम्, शिव पुराण
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

पंचाक्षरी मंत्रॐ नमः शिवायशिव मंत्र

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

शिव पंचाक्षरी मंत्र क्या है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको मंत्र ज्ञान से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर कृष्ण यजुर्वेद - श्री रुद्रम्, शिव पुराण पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।