विस्तृत उत्तर
शिव पंचाक्षरी मंत्र वैदिक परंपरा का सर्वोच्च शिव मंत्र है।
मंत्र
> ॐ नमः शिवाय
(Om Namah Shivaya)
पंचाक्षरी का अर्थ: 'नमः शिवाय' में पाँच अक्षर हैं — न, मः, शि, वा, य — इसलिए इसे पंचाक्षरी कहते हैं। 'ॐ' सहित यह षडाक्षरी भी कहलाता है।
पाँच अक्षरों का अर्थ (तत्व विज्ञान)
- ▸न = पृथ्वी तत्व (स्थिरता, भूमि)
- ▸मः = जल तत्व (प्रवाह, शीतलता)
- ▸शि = अग्नि तत्व (ऊर्जा, तेज)
- ▸वा = वायु तत्व (प्राण, गति)
- ▸य = आकाश तत्व (चेतना, अनंत)
ये पाँचों अक्षर पंचतत्वों का प्रतिनिधित्व करते हैं — शिव ही पंचतत्वों के अधिपति हैं।
स्रोत: यह मंत्र कृष्ण यजुर्वेद के श्री रुद्रम् (अष्टाध्यायी) के अनुवाक 8 में 'नमः शिवाय च शिवतराय च' के रूप में मिलता है। शिव पुराण में इसे 'महामंत्र' कहा गया है।
महत्व: शिव पुराण के अनुसार यह मंत्र सभी मंत्रों का सार है — 'सर्वमंत्रमयं मंत्रं पंचाक्षरमिदं परम्।' इस मंत्र के जप से मोक्ष की प्राप्ति होती है।





