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यातना देह प्रश्नोत्तरी — 14 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित यातना देह विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 14 प्रश्न

लोक

यातना-देह नष्ट क्यों नहीं होती?

यातना-देह इसलिए नष्ट नहीं होती क्योंकि वह नरक के कष्ट भोगने के लिए बनी है; आग और शस्त्र उसे समाप्त नहीं करते।

यातना देहनरक यातनासूक्ष्म शरीर
लोक

यातना-देह क्या है?

यातना-देह वह सूक्ष्म शरीर है जिससे आत्मा नरक की यातनाएँ भोगती है, पर वह आग या शस्त्र से नष्ट नहीं होती।

यातना देहसूक्ष्म शरीरनरक
लोक

अंगुष्ठमात्र सूक्ष्म शरीर क्या होता है?

अंगुष्ठमात्र सूक्ष्म शरीर अंगूठे के आकार की वह देह है जिसे यमदूत शरीर से निकालते हैं और जिससे आत्मा यातनाएँ भोगती है।

अंगुष्ठमात्रसूक्ष्म शरीरयातना देह
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यममार्ग में आत्मा को कौन-कौन से कष्ट होते हैं?

यममार्ग में आत्मा भूख, प्यास, थकान, दाह, प्रहार, कुत्तों-कौवों और भयानक मार्ग की यातनाएँ सहती है।

यममार्गआत्मा के कष्टयातना देह
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यातना देह वायु-प्रधान क्यों कही गई है?

यातना देह वायु-प्रधान है और पापी जीव को यममार्ग के कष्ट सहने के लिए मिलती है।

यातना देहवायु प्रधानपापी जीव
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

पापी जीव का पिण्डज शरीर यातना देह में कब बदलता है?

पापी जीव का पिण्डज शरीर यममार्ग और नरक की यातनाएँ सहने के लिए यातना देह में बदलता है।

पापी जीवपिण्डज शरीरयातना देह
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यातना देह में आत्मा को पीड़ा कैसे होती है?

यातना देह में आत्मा जलने, कटने, फटने, भूख-प्यास, थकान और यममार्ग के कष्टों को अनुभव करती है।

यातना देहआत्मा की पीड़ायममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यातना देह नष्ट क्यों नहीं होती?

यातना देह कष्ट सहने के लिए बनी होती है; वह पीड़ा अनुभव करती है लेकिन नष्ट नहीं होती।

यातना देहनरकपीड़ा
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

पापी जीव को यातना देह क्यों मिलती है?

पापी जीव को अपने कर्मों के अनुसार यममार्ग और नरक की यातनाएँ सहने के लिए यातना देह मिलती है।

पापी जीवयातना देहयमदूत
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

यातना देह क्या होती है?

यातना देह पापी आत्मा को कष्ट सहने के लिए मिलने वाला ऐसा शरीर है जो पीड़ा पाता है पर नष्ट नहीं होता।

यातना देहपापी जीवयममार्ग
मरणोपरांत आत्मा यात्रा

मृत्यु के बाद आत्मा कौन-कौन से शरीर धारण करती है?

मृत्यु के बाद आत्मा लिंग शरीर, वायुजा देह, पिण्डज शरीर और पापी होने पर यातना देह धारण कर सकती है।

आत्मा के शरीरलिंग शरीरवायुजा देह
जीवन एवं मृत्यु

नरक में जीव को किस अवस्था में दंड दिया जाता है?

नरक में दंड जागृत, बंधन में जकड़ी, भूख-प्यास से व्याकुल अवस्था में दिया जाता है। बेहोश होने पर पुनः होश में लाया जाता है। यातना-देह में पूरी संवेदनशीलता बनी रहती है।

नरकअवस्थायातना देह
जीवन एवं मृत्यु

नरक में जीव के शरीर का स्वरूप कैसे बदलता है?

नरक में जीव 'यातना-देह' में रहता है जो पिंडदान से बनती है। यातना से क्षत-विक्षत होती है, रक्त वमन होता है। नष्ट होने पर यमराज की शक्ति से पुनः निर्मित होती है — यह पाप-शुद्धि की प्रक्रिया है।

नरकशरीरयातना देह
जीवन एवं मृत्यु

नरक में जीव को मृत्यु क्यों नहीं आती?

नरक में जीव को इसलिए मृत्यु नहीं आती क्योंकि 'बिना भोगे कर्म समाप्त नहीं होता।' यातना-देह विशेष रूप से बनी है जो मरती नहीं। संजीवन नरक में मारकर बार-बार पुनः जीवित किया जाता है।

नरकमृत्यु नहींयातना देह

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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