विस्तृत उत्तर
मृत्यु के बाद आत्मा कर्मानुसार विभिन्न पारलौकिक शरीरों को धारण करती है। पहला है लिंग शरीर या सूक्ष्म शरीर, जो सत्रह तत्त्वों से निर्मित होता है और मृत्यु के समय आत्मा इसी में आवेष्टित होकर स्थूल शरीर छोड़ती है। दूसरा है वायुजा देह, जिसे आत्मा मृत्यु के तत्काल बाद धारण करती है; यह वायव्य स्वरूप होती है और अग्नि रहित शिखा के समान कही गई है। तीसरा है पिण्डज शरीर, जो मृत्यु के बाद प्रथम दस दिनों में परिजनों द्वारा दिए गए पिण्डदान से क्रमिक रूप से बनता है। चौथा है यातना देह, जो पापी जीव को यममार्ग और नरक के कष्ट सहने के लिए प्राप्त होती है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक





