📖
विस्तृत उत्तर
मृत्यु के पहले दिन आत्मा वायुजा देह में रहती है। पञ्चभौतिक देह के विच्छेदन के पश्चात आत्मा तत्काल वायुजा देह प्राप्त करती है। यह देह कर्म करने में अक्षम होती है और आत्मा बिना किसी आधार के वायुमंडल में विचरण करती है। मृत्यु के तुरंत बाद आत्मा अपने पूर्व निवास स्थान, अपने शरीर और अपने परिजनों के आसपास भटकती रहती है। वह परिजनों के रोने-बिलखने को सुनती है और उनसे संवाद करने का प्रयास करती है, लेकिन वायुजा देह के कारण सफल नहीं होती।
🔗
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें
क्या यह उत्तर सहायक था?





