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विस्तृत उत्तर
स्थूल शरीर पञ्चभौतिक देह है, जिसे आत्मा मृत्यु के समय छोड़ देती है। सनातन धर्मशास्त्रों में मृत्यु को इसी स्थूल शरीर से दूसरे सूक्ष्म और पारलौकिक शरीर में संक्रमण की प्रक्रिया बताया गया है। मृत्यु के बाद स्थूल शरीर निष्प्राण हो जाता है, पर सूक्ष्म शरीर की चेतना जागृत रहती है। स्थूल देह के पतन के बाद आत्मा निराकार नहीं रहती, बल्कि लिंग शरीर, वायुजा देह, पिण्डज शरीर और कर्मानुसार अन्य पारलौकिक देहों से जुड़ती है।
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