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विस्तृत उत्तर
श्रीमद्भागवत महापुराण में कहा गया है कि मृत्यु के समय पापी जीव के सामने यमराज के दो दूत उपस्थित होते हैं। वे अत्यंत भयंकर होते हैं और उनकी आँखें क्रोध तथा उग्रता से भरी होती हैं। मरणासन्न जीव उन्हें देखकर भय से त्रस्त हो जाता है और मल-मूत्र त्याग देता है। यह वर्णन जीव की मरणासन्न अवस्था और यमदूतों के प्रत्यक्ष दर्शन की भयावहता को दिखाता है।
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