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विस्तृत उत्तर
अंगुष्ठमात्र सूक्ष्म शरीर वह सूक्ष्म देह है जिसे शास्त्रों में अंगूठे के आकार का कहा गया है। मृत्यु के समय यमदूत पापी जीवात्मा के इसी सूक्ष्म शरीर को स्थूल शरीर से बलपूर्वक खींच निकालते हैं। यह सूक्ष्म शरीर कोई सामान्य प्रकाश या ऊर्जा नहीं है, बल्कि इसे यातना-देह कहा जाता है। यह देह विशेष रूप से नरक के कष्ट भोगने के लिए निर्मित होती है। आत्मा इसी सूक्ष्म यातना-देह के माध्यम से यममार्ग और नरक के अनुभवों को भोगती है।
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