ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

विश्वास — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

🔍
मंत्र जप दर्शन

मंत्र जप में भाव और विश्वास का कितना महत्व है?

भाव = प्राण। गीता: 'श्रद्धामयो पुरुषः — जैसी श्रद्धा, वैसा फल।' भाव = 0 → शक्ति = 0। भाव > विधि। 'एक लोटा जल भक्ति से > सवा लाख बिना भक्ति।'

भावविश्वासमहत्व
मंत्र विधि

मंत्र जप में श्रद्धा और विश्वास का कितना महत्व है?

श्रद्धा = मंत्र की आत्मा। गीता: 'श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्', 'संशयात्मा विनश्यति'। पतंजलि: श्रद्धा → वीर्य → स्मृति → समाधि (श्रद्धा प्रथम)। श्रद्धा = 90%, विधि = 10%। बिना श्रद्धा = तोते का रटना। 'भक्तिहीनं...परिपूर्णं तदस्तु मे'।

श्रद्धाविश्वासभाव

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।