ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

शयन — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 4 प्रश्न

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मंदिर ज्ञान

मंदिर में भगवान को शयन कराने की परंपरा क्या है?

रात्रि भोग → पान → शयन श्रृंगार → फूल शय्या → शयन आरती → द्वार बंद। प्रातः: सुप्रभातम् (दक्षिण)/मंगला आरती (उत्तर)। जगन्नाथ: 'बड़ा श्रृंगार भोग' रात 11। भगवान = 24 घंटे सेवा।

शयनपरंपरामंदिर
दैनिक आचार

रात को सोने से पहले कौन सा मंत्र बोलें

शयन मंत्र: 'रामं स्कन्दं हनूमन्तं...' — राम, हनुमान, गरुड़, भीम स्मरण से दुःस्वप्न नाश। 'ॐ नमः शिवाय' या 'ॐ नमो नारायणाय' 108 बार। हनुमान चालीसा (भय निवारण)। 5 मिनट शांत नाम जप पर्याप्त।

सोने से पहलेमंत्ररात
पूजा विधि

पूजा घर में शयन करना चाहिए या नहीं

पूजा घर में सोना वर्जित है — पवित्रता भंग, पैर भगवान की ओर होने का भय, और तमोगुण। छोटे घर में पर्दा बंद करके सोएं, पैर मूर्ति की ओर न हों। ध्यान/योग निद्रा स्वीकार्य है।

पूजा घरशयनसोना
मंदिर पूजा

मंदिर में देवता की दिनचर्या कैसे निर्धारित होती है?

देवता दिनचर्या (राजा-समान सेवा): सुप्रभात (4:30) → स्नान/अभिषेक → श्रृंगार/अलंकार → बाल भोग → प्रातः दर्शन → राजभोग (दोपहर) → विश्राम (पट बंद) → सायं दर्शन → संध्या आरती → शयन भोग → शयन (पट बंद)। आगम: षोडश उपचार/अष्टकाल पूजा। नित्य = मंदिर का प्राण — एक दिन न छूटे।

देवता दिनचर्यानित्य पूजाषोडश सेवा

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।