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गणेश आरती पंचमुखी घी के दीप से, दक्षिणावर्त 7 बार घुमाते हुए, शंख-घंटे के साथ करें। 'जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा' या 'सुखकर्ता दुखहर्ता' आरती गाएं। अ...
पूजा विधिगणेश = प्रथम पूज्य (ब्रह्मा वरदान — बिना गणेश = विघ्न)। रिद्धि-सिद्धि पति + लक्ष्मी = सम्पूर्ण समृद्धि। बुद्धि पहले → धन बाद। दीपावली: गणेश→लक्ष्मी→सर...
लक्ष्मी-गणेशविघ्न नाश, बुद्धि, कार्यसिद्धि, शुभारंभ। बुधवार/संकष्टी/गणेश चतुर्थी। किसी भी पूजा शुरुआत। बच्चे भी गा सकते=सबसे सरल।
आरती लाभतुलसी ने विवाह प्रस्ताव → गणेश ने मना → तुलसी शाप → गणेश प्रति-शाप: 'मेरी पूजा में तुम वर्जित।' गणेश = दूर्वा; विष्णु = तुलसी। कुछ दक्षिण परंपरा में म...
गणेश पूजा नियमगणेश पहले क्यों: (1) शिव का वरदान — सर्वप्रथम पूज्य। (2) विघ्नहर्ता — पूजा में बाधा न आए। (3) बुद्धि पहले, धन बाद — विवेकपूर्ण धन उपयोग। (4) रिद्धि-सि...
लक्ष्मी उपासना'ॐ गं गणपतये नमः' गणेश का बीज मंत्र है जो एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाता है। गणेश की पत्नियाँ सिद्धि और बुद्धि हैं — उनका नाम जपने से दोनों की प्राप्त...
नाम महिमा एवं भक्तिगणेश पूजा की सबसे बड़ी गलती — तुलसी चढ़ाना (तुलसी-गणेश में पौराणिक बैर है)। अन्य — टूटे दाँत वाली मूर्ति, केतकी का फूल, बासी भोग, और गणेश चतुर्थी पर च...
पूजा विधि एवं कर्मकांडमुद्गल पुराण के अनुसार अनलासुर राक्षस को निगलने के बाद गणेश जी के पेट में जलन हुई, जो केवल 21 दूर्वा खाने से शांत हुई। तभी से गणेश को दूर्वा अर्पण की ...
देवी-देवता पूजनगणेश=विघ्नहर्ता+प्रथम पूज्य। चालीसा पाठ=गणेश प्रसन्न=बाधा नाश। नया कार्य, परीक्षा, व्यापार, बुद्धि। बुधवार/चतुर्थी। ~10-12 min।
स्तोत्र एवं पाठगणेश का मूल बीज मंत्र 'गं' है। सर्वाधिक प्रचलित षडाक्षरी मंत्र है 'ॐ गं गणपतये नमः'। विघ्न नाशन के लिए 'ॐ वक्रतुंड महाकाय...' और बुद्धि के लिए गणेश गा...
मंत्र ज्ञानमुख्य मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' (6 अक्षर = 6 लाख पुरश्चरण)। बुधवार, गणेश चतुर्थी। लाल वस्त्र। भोग: मोदक, दूर्वा (21/108)। गणपत्यथर्वशीर्ष के 21 पाठ शक्...
मंत्र सिद्धिगणेश जी को मोदक सर्वाधिक प्रिय है — 21 मोदक का भोग विशेष शुभ है। लड्डू, केला, खीर, पंचामृत, नारियल और जामुन भी गणेश जी को प्रिय हैं। पूजा में तुलसी वर...
पूजा सामग्री