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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 1

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

खल परिहास होइ हित मोरा । काक कहहिं कलकंठ कठोरा ॥ हंसहि बक दादुर चातकही । हँसहिं मलिन खल बिमल बतकही ॥

Khala parihasa hoi hita mora. Kaka kahahin kalakantha kathora. Hansahi baka dadura chatakahi. Hansahin malina khala bimala batakahi.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

किन्तु दुष्टोंके हँसनेसे मेरा हित ही होगा। मधुर कण्ठवाली कोयलको कौए तो कठोर ही कहा करते हैं। जैसे बगुले हंसको और मेढक पपीहेको हँसते हैं, वैसे ही मलिन मनवाले दुष्ट निर्मल वाणीको हँसते हैं॥ १॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 1 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik