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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 2

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

नारद जानेउ नाम प्रतापू । जग प्रिय हरि हरि हर प्रिय आपू ॥ नामु जपत प्रभु कीन्ह प्रसादू । भगत सिरोमनि भे प्रहलादू ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

नारदजीने नामके प्रतापको जाना है। हरि सारे संसारको प्यारे हैं, [हरिको हर प्यारे हैं] और आप (श्रीनारदजी) हरि और हर दोनोंको प्रिय हैं। नामके जपनेसे प्रभुने कृपा की, जिससे प्रह्लाद भक्तशिरोमणि हो गये॥२॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 2 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik