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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 1

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

चहुँ जुग तीनि काल तिहुँ लोका । भए नाम जपि जीव बिसोका ॥ बेद पुरान संत मत एहू । सकल सुकृत फल राम सनेहू ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

[केवल कलियुगकी ही बात नहीं है,] चारों युगोंमें, तीनों कालोंमें और तीनों लोकोंमें नामको जपकर जीव शोकरहित हुए हैं। वेद, पुराण और संतोंका मत यही है कि समस्त पुण्योंका फल श्रीरामजीमें [या रामनाममें] प्रेम होना है॥१॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 1 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik