ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 6

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

रीझत राम सनेह निसोतें । को जग मंद मलिनमति मोतें ॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

श्रीरामजी तो विशुद्ध प्रेमसे ही रीझते हैं, पर जगतमें मुझसे बढ़कर मूर्ख और मलिनबुद्धि और कौन होगा?॥६॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 6 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik