ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

चौपाई 2

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

बंचक भगत कहाइ राम के । किंकर कंचन कोह काम के ॥ तिन्ह महँ प्रथम रेख जग मोरी । धींग धरमध्वज धंधक धोरी ॥

Banchaka bhagata kahai rama ke. Kinkara kanchana koha kama ke. Tinha mahan prathama rekha jaga mori. Dhinga dharamadhvaja dhandhaka dhori.

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो श्रीरामजीके भक्त कहलाकर लोगोंको ठगते हैं, जो धन (लोभ), क्रोध और कामके गुलाम हैं और जो धींगाधींगी करनेवाले, धर्मध्वजी (धर्मकी झूठी ध्वजा फहरानेवाले—दम्भी) और कपटके धन्धोंका बोझ ढोनेवाले हैं, संसारके ऐसे लोगोंमें सबसे पहले मेरी गिनती है॥ २॥

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श्रीरामचरितमानस चौपाई 2 बाल काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik