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श्रीरामचरितमानस · बाल काण्ड

बाल काण्ड चौपाई 2

बाल काण्ड · Baal Kaand

मूल पाठ

जाना चहहिं गूढ़ गति जेऊ । नाम जीहँ जपि जानहिं तेऊ ॥ साधक नाम जपहिं लय लाएँ । होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएँ ॥

Jaana chahahin goodh gati jeu. Naam jeehan japi jaanahin teu. Saadhak naam japahin laya laaen. Hohin siddha animaadik paaen.

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो परमात्माके गूढ़ रहस्यको (यथार्थ महिमाको) जानना चाहते हैं, वे (जिज्ञासु) भी नामको जीभसे जपकर उसे जान लेते हैं। [लौकिक सिद्धियोंके चाहनेवाले अर्थार्थी] साधक लौ लगाकर नामका जप करते हैं और अणिमादि [आठों] सिद्धियोंको पाकर सिद्ध हो जाते हैं ॥ २ ॥

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